श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 97: दुर्योधनका अपने मन्त्रियोंसे सलाह करके भीष्मसे पाण्डवोंको मारने अथवा कर्णको युद्धके लिये आज्ञा देनेका अनुरोध करना  »  श्लोक 8-9
 
 
श्लोक  6.97.8-9 
निवृत्ते युधि गाङ्गेये न्यस्तशस्त्रे च भारत॥ ८॥
अहं पार्थान् हनिष्यामि सहितान् सर्वसोमकै:।
पश्यतो युधि भीष्मस्य शपे सत्येन ते नृप॥ ९॥
 
 
अनुवाद
हे भरतवंशी नरेश! जब गंगापुत्र भीष्म युद्ध में शस्त्र त्यागकर उससे पूर्णतः निवृत्त हो जायेंगे, तब मैं भीष्म के सामने ही सोमकों सहित समस्त कुन्तीपुत्रों का एक साथ वध कर डालूँगा। मैं सत्य की शपथ लेकर तुमसे यह कहता हूँ॥8-9॥
 
O King of the Bharata dynasty, when Ganga's son Bhishma lays down his arms in the war and retires completely from it, then I shall kill all the sons of Kunti, including the Somakas, together in front of Bhishma. I tell you this by swearing on the truth. ॥ 8-9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)