श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 97: दुर्योधनका अपने मन्त्रियोंसे सलाह करके भीष्मसे पाण्डवोंको मारने अथवा कर्णको युद्धके लिये आज्ञा देनेका अनुरोध करना  »  श्लोक 7-8h
 
 
श्लोक  6.97.7-8h 
कर्ण उवाच
मा शोच भरतश्रेष्ठ करिष्येऽहं प्रियं तव॥ ७॥
भीष्म: शान्तनवस्तूर्णमपयातु महारणात्।
 
 
अनुवाद
कर्ण ने कहा- भरतश्रेष्ठ! आप शोक न करें। मैं आपका प्रिय कार्य करूँगा, किन्तु शान्तनुनन्दन भीष्म शीघ्र ही महायुद्ध से हट जाएँ। 7 1/2॥
 
Karna said – Bharatshreshtha! Don't mourn. I will do your favorite work, but may Shantanunandan Bhishma soon withdraw from the great war. 7 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)