श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 97: दुर्योधनका अपने मन्त्रियोंसे सलाह करके भीष्मसे पाण्डवोंको मारने अथवा कर्णको युद्धके लिये आज्ञा देनेका अनुरोध करना  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  6.97.33 
काञ्चनोष्णीषिणस्तत्र वेत्रझर्झरपाणय:।
प्रोत्सारयन्त: शनकैस्तं जनं सर्वतो दिशम्॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
सुनहरी पगड़ियाँ पहने और हाथों में बेंत और भाले लिए हुए बड़ी संख्या में सैनिक चारों ओर से लोगों की भीड़ को पीछे धकेलते हुए धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे थे।
 
A large number of soldiers wearing golden turbans and carrying canes and spears in their hands were slowly moving ahead, pushing back the crowd of people from all sides. 33.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)