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mahabharat 6.97.32: उन स्वर्णिम ज्योतियों से घिरा हुआ राजा दुर्योधन, उज्ज्वल ग्रहों से संयुक्त चन्द्रमा के समान शोभा पा रहा था ॥32॥   |   mahabharat अध्याय 6.97: दुर्योधनका अपने मन्त्रियोंसे सलाह करके भीष्मसे पाण्डवोंको मारने अथवा कर्णको युद्धके लिये आज्ञा देनेका अनुरोध करना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 97: दुर्योधनका अपने मन्त्रियोंसे सलाह करके भीष्मसे पाण्डवोंको मारने अथवा कर्णको युद्धके लिये आज्ञा देनेका अनुरोध करना  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  6.97.32 
स तै: परिवृतो राजा प्रदीपै: काञ्चनैर्ज्वलन्।
शुशुभे चन्द्रमा युक्तो दीप्तैरिव महाग्रहै:॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
उन स्वर्णिम ज्योतियों से घिरा हुआ राजा दुर्योधन, उज्ज्वल ग्रहों से संयुक्त चन्द्रमा के समान शोभा पा रहा था ॥32॥
 
King Duryodhana, surrounded by those golden lights, was glowing like the moon combined with the bright planets. 32॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)