श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 97: दुर्योधनका अपने मन्त्रियोंसे सलाह करके भीष्मसे पाण्डवोंको मारने अथवा कर्णको युद्धके लिये आज्ञा देनेका अनुरोध करना  »  श्लोक 26-27
 
 
श्लोक  6.97.26-27 
स पूज्यमान: कुरुभि: कौरवाणां महाबल:॥ २६॥
प्रययौ सदनं राजा गाङ्गेयस्य यशस्विन:।
अन्वीयमान: सततं सोदरै: परिवारित:॥ २७॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार कौरवों द्वारा पूजित होकर महाबली कौरवराज दुर्योधन महाबली भीष्म के शिविर में गया। उसके भाई उसे घेरकर उसके साथ ही रहे॥ 26-27॥
 
Thus, being worshipped by the Kauravas, the mighty Kaurava king Duryodhana went to the camp of the illustrious Bhishma. His brothers surrounded him and remained with him all the time.॥ 26-27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)