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mahabharat 6.97.13: हे राजन! भीष्म के शरणागत हो जाने पर तुम युद्ध में पाण्डवों को अपने बन्धु-बान्धवों सहित मेरे ही द्वारा मारा हुआ समझो॥13॥   |   mahabharat अध्याय 6.97: दुर्योधनका अपने मन्त्रियोंसे सलाह करके भीष्मसे पाण्डवोंको मारने अथवा कर्णको युद्धके लिये आज्ञा देनेका अनुरोध करना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 97: दुर्योधनका अपने मन्त्रियोंसे सलाह करके भीष्मसे पाण्डवोंको मारने अथवा कर्णको युद्धके लिये आज्ञा देनेका अनुरोध करना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  6.97.13 
न्यस्तशस्त्रे ततो भीष्मे निहतान् पश्य पाण्डवान्।
मयैकेन रणे राजन् ससुहृद्‍गणबान्धवान्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! भीष्म के शरणागत हो जाने पर तुम युद्ध में पाण्डवों को अपने बन्धु-बान्धवों सहित मेरे ही द्वारा मारा हुआ समझो॥13॥
 
O King! After Bhishma surrendered, consider that the Pandavas were killed by me alone in the war along with their friends and relatives. ॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)