Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.96.80: तदनन्तर उस भयंकर और अत्यन्त भयंकर प्रभात बेला में कौरव और पाण्डव दोनों मिलकर अपनी-अपनी सेनाओं को वापस भेजकर समय पर अपने शिविर में पहुँचकर विश्राम करने लगे ॥80॥ | mahabharat अध्याय 6.96: इरावान्के वधसे अर्जुनका दु:खपूर्ण उद्गार, भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके नौ पुत्रोंका वध, अभिमन्यु और अम्बष्ठका युद्ध, युद्धकी भयानक स्थितिका वर्णन तथा आठवें दिनके युद्धका उपसंहार । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तदनन्तर उस भयंकर और अत्यन्त भयंकर प्रभात बेला में कौरव और पाण्डव दोनों मिलकर अपनी-अपनी सेनाओं को वापस भेजकर समय पर अपने शिविर में पहुँचकर विश्राम करने लगे ॥80॥
Then, in that dreadful and extremely ferocious dawn, the Kauravas and the Pandavas together, having sent back their armies, reached their camp in time and began to rest. ॥ 80॥
इति श्रीमहाभारते भीष्मपर्वणि भीष्मवधपर्वणि अष्टमदिवसयुद्धावहारे षण्णवतितमोऽध्याय:॥ ९६॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत भीष्मपर्वके अन्तर्गत भीष्मवधपर्वमें आठवें दिनके युद्धमें सेनाके शिविरमें लौटनेसे सम्बन्ध रखनेवाला छानबेवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ९६॥
[दाक्षिणात्य अधिक पाठका १/२ श्लोक मिलाकर कुल ८० १/२ श्लोक हैं।]
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥