Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.96.67: कुछ हाथी, जिनके दाँत उनकी हड्डियों में धँसे हुए थे, बार-बार आवाजें निकाल रहे थे और बहुत पीड़ा में अपनी सूँड़ से पानी की बूँदें फेंक रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 6.96: इरावान‍्के वधसे अर्जुनका दु:खपूर्ण उद्‍गार, भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके नौ पुत्रोंका वध, अभिमन्यु और अम्बष्ठका युद्ध, युद्धकी भयानक स्थितिका वर्णन तथा आठवें दिनके युद्धका उपसंहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 96: इरावान‍्के वधसे अर्जुनका दु:खपूर्ण उद्‍गार, भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके नौ पुत्रोंका वध, अभिमन्यु और अम्बष्ठका युद्ध, युद्धकी भयानक स्थितिका वर्णन तथा आठवें दिनके युद्धका उपसंहार  »  श्लोक 67
 
 
श्लोक  6.96.67 
दन्तिभिश्चापरैस्तत्र सप्रासैर्गाढवेदनै:।
करै: शब्दं विमुञ्चद्भि: शीकरं च मुहुर्मुहु:॥ ६७॥
 
 
अनुवाद
कुछ हाथी, जिनके दाँत उनकी हड्डियों में धँसे हुए थे, बार-बार आवाजें निकाल रहे थे और बहुत पीड़ा में अपनी सूँड़ से पानी की बूँदें फेंक रहे थे।
 
Some elephants, whose tusks were stuck in their bones, were making repeated noises and throwing drops of water through their trunks in great pain. 67.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)