Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.96.64: हर जगह छोटी-छोटी घंटियों के जाल से सजे टूटे हुए रथ पड़े थे। बाणों से मारे गए घोड़े रक्त से लथपथ और जीभें निकाले ढेरों में पड़े थे। 64. | mahabharat अध्याय 6.96: इरावान्के वधसे अर्जुनका दु:खपूर्ण उद्गार, भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके नौ पुत्रोंका वध, अभिमन्यु और अम्बष्ठका युद्ध, युद्धकी भयानक स्थितिका वर्णन तथा आठवें दिनके युद्धका उपसंहार । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हर जगह छोटी-छोटी घंटियों के जाल से सजे टूटे हुए रथ पड़े थे। बाणों से मारे गए घोड़े रक्त से लथपथ और जीभें निकाले ढेरों में पड़े थे। 64.
Everywhere were broken chariots adorned with a net of small bells. Horses killed by arrows were lying in heaps, covered in blood and with their tongues out. 64.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥