Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.96.53: वहाँ नाना प्रकार के विचित्र और स्वर्णजटित धनुष रखे हुए थे। हाथी की पीठ पर तरह-तरह के कम्बल बिछाये जाते थे, पंखे और थालियाँ भी इधर-उधर पड़ी हुई दिखाई देती थीं। | mahabharat अध्याय 6.96: इरावान्के वधसे अर्जुनका दु:खपूर्ण उद्गार, भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके नौ पुत्रोंका वध, अभिमन्यु और अम्बष्ठका युद्ध, युद्धकी भयानक स्थितिका वर्णन तथा आठवें दिनके युद्धका उपसंहार । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वहाँ नाना प्रकार के विचित्र और स्वर्णजटित धनुष रखे हुए थे। हाथी की पीठ पर तरह-तरह के कम्बल बिछाये जाते थे, पंखे और थालियाँ भी इधर-उधर पड़ी हुई दिखाई देती थीं।
Various kinds of strange and gold-decorated bows were lying lying there. Various blankets used to spread on the elephant's back, fans and dishes were also seen lying here and there. 53.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥