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mahabharat 6.96.36: उधर गंगापुत्र भीष्म, भगदत्त और कृपाचार्य- ये तीन महारथी युद्ध में तेजी से आगे बढ़ रहे पाण्डुपुत्र अर्जुन को रोकने का प्रयत्न कर रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 6.96: इरावान‍्के वधसे अर्जुनका दु:खपूर्ण उद्‍गार, भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके नौ पुत्रोंका वध, अभिमन्यु और अम्बष्ठका युद्ध, युद्धकी भयानक स्थितिका वर्णन तथा आठवें दिनके युद्धका उपसंहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 96: इरावान‍्के वधसे अर्जुनका दु:खपूर्ण उद्‍गार, भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके नौ पुत्रोंका वध, अभिमन्यु और अम्बष्ठका युद्ध, युद्धकी भयानक स्थितिका वर्णन तथा आठवें दिनके युद्धका उपसंहार  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  6.96.36 
गाङ्गेयो भगदत्तश्च गौतमश्च महारथा:।
पाण्डवं रभसं युद्धे वारयामासुरर्जुनम्॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
उधर गंगापुत्र भीष्म, भगदत्त और कृपाचार्य- ये तीन महारथी युद्ध में तेजी से आगे बढ़ रहे पाण्डुपुत्र अर्जुन को रोकने का प्रयत्न कर रहे थे।
 
On the other side, Ganga's son Bhishma, Bhagadatta and Kripacharya - these three great warriors were trying to stop Pandu's son Arjuna who was moving ahead rapidly in the war.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)