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mahabharat 6.96.34: हे राजन! जिस प्रकार एक महाबली व्याघ्र मृगों के बीच विचरण करता है, उसी प्रकार भीमसेन आपके वीर पुत्रों के समूह के बीच क्रीड़ा कर रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 6.96: इरावान‍्के वधसे अर्जुनका दु:खपूर्ण उद्‍गार, भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके नौ पुत्रोंका वध, अभिमन्यु और अम्बष्ठका युद्ध, युद्धकी भयानक स्थितिका वर्णन तथा आठवें दिनके युद्धका उपसंहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 96: इरावान‍्के वधसे अर्जुनका दु:खपूर्ण उद्‍गार, भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके नौ पुत्रोंका वध, अभिमन्यु और अम्बष्ठका युद्ध, युद्धकी भयानक स्थितिका वर्णन तथा आठवें दिनके युद्धका उपसंहार  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  6.96.34 
पुत्रेषु तव वीरेषु चिक्रीडार्जुनपूर्वज:।
मृगेष्विव महाराज चरन् व्याघ्रो महाबल:॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! जिस प्रकार एक महाबली व्याघ्र मृगों के बीच विचरण करता है, उसी प्रकार भीमसेन आपके वीर पुत्रों के समूह के बीच क्रीड़ा कर रहे थे।
 
Just as a mighty tiger roams among a herd of deer, O King, similarly Bhimasena was playing among the group of your valiant sons.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)