Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.96.3: कौरवों और पाण्डवों का यह भयंकर विनाश परम बुद्धिमान विदुर की दृष्टि में पहले ही आ चुका था, इसलिए उन्होंने राजा धृतराष्ट्र को मना किया था॥3॥ | mahabharat अध्याय 6.96: इरावान्के वधसे अर्जुनका दु:खपूर्ण उद्गार, भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके नौ पुत्रोंका वध, अभिमन्यु और अम्बष्ठका युद्ध, युद्धकी भयानक स्थितिका वर्णन तथा आठवें दिनके युद्धका उपसंहार । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुरूणां पाण्डवानां च क्षयं घोरं महामति:।
स ततो निवारितवान् धृतराष्ट्रं जनेश्वरम्॥ ३॥
अनुवाद
कौरवों और पाण्डवों का यह भयंकर विनाश परम बुद्धिमान विदुर की दृष्टि में पहले ही आ चुका था, इसलिए उन्होंने राजा धृतराष्ट्र को मना किया था॥3॥
This terrible destruction of the Kauravas and the Pandavas had already come to the sight of the most intelligent Vidura. That is why he had forbidden King Dhritarashtra.॥ 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥