Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.96.22-23: प्रजानाथ! हे भरतपुत्र! आपके पुत्रों द्वारा बार-बार बाणों की वर्षा होने पर क्रोधपूर्वक अपने मुख के कोने चाटते हुए, अपने पराक्रम पर गर्व करने वाले वीर भीमसेन ने सिंह के समान तीक्ष्ण छुरे से आपके पुत्र व्यूधोरसक को मार डाला। उसके प्राण समाप्त हो गए॥22-23॥ | mahabharat अध्याय 6.96: इरावान्के वधसे अर्जुनका दु:खपूर्ण उद्गार, भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके नौ पुत्रोंका वध, अभिमन्यु और अम्बष्ठका युद्ध, युद्धकी भयानक स्थितिका वर्णन तथा आठवें दिनके युद्धका उपसंहार । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रजानाथ! हे भरतपुत्र! आपके पुत्रों द्वारा बार-बार बाणों की वर्षा होने पर क्रोधपूर्वक अपने मुख के कोने चाटते हुए, अपने पराक्रम पर गर्व करने वाले वीर भीमसेन ने सिंह के समान तीक्ष्ण छुरे से आपके पुत्र व्यूधोरसक को मार डाला। उसके प्राण समाप्त हो गए॥22-23॥
Prajanath! O son of Bharat! Licking the corners of his mouth in anger after being repeatedly showered with arrows by your sons, the brave Bhimasena, proud of his valour like a lion, killed your son Vyudhoraska with a very sharp razor. His life ended. ॥22-23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥