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mahabharat 6.96.21: परन्तु महाराज, आपके पुत्रों ने कुन्तीपुत्र भीम को अपने बाणों से उसी प्रकार ढक दिया, जैसे वर्षा ऋतु में बादल जल की धाराओं से पर्वतों को ढक लेते हैं।   |   mahabharat अध्याय 6.96: इरावान‍्के वधसे अर्जुनका दु:खपूर्ण उद्‍गार, भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके नौ पुत्रोंका वध, अभिमन्यु और अम्बष्ठका युद्ध, युद्धकी भयानक स्थितिका वर्णन तथा आठवें दिनके युद्धका उपसंहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 96: इरावान‍्के वधसे अर्जुनका दु:खपूर्ण उद्‍गार, भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके नौ पुत्रोंका वध, अभिमन्यु और अम्बष्ठका युद्ध, युद्धकी भयानक स्थितिका वर्णन तथा आठवें दिनके युद्धका उपसंहार  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  6.96.21 
पुत्रास्तु तव कौन्तेयं छादयाञ्चक्रिरे शरै:।
प्रावृषीव महाराज जलदा इव पर्वतम्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
परन्तु महाराज, आपके पुत्रों ने कुन्तीपुत्र भीम को अपने बाणों से उसी प्रकार ढक दिया, जैसे वर्षा ऋतु में बादल जल की धाराओं से पर्वतों को ढक लेते हैं।
 
But, Maharaja, your sons covered Kunti's son Bhima with their arrows in the same way as clouds cover the mountains with streams of water during the rainy season.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)