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mahabharat 6.96.16: हे राजन! तत्पश्चात् आपके पुत्रों ने, जैसे इन्द्र के चारों ओर वसु खड़े हों, उसी प्रकार द्रोणाचार्य को चारों ओर से घेर लिया और युद्धस्थल में भीमसेन पर आक्रमण कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 6.96: इरावान‍्के वधसे अर्जुनका दु:खपूर्ण उद्‍गार, भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके नौ पुत्रोंका वध, अभिमन्यु और अम्बष्ठका युद्ध, युद्धकी भयानक स्थितिका वर्णन तथा आठवें दिनके युद्धका उपसंहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 96: इरावान‍्के वधसे अर्जुनका दु:खपूर्ण उद्‍गार, भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके नौ पुत्रोंका वध, अभिमन्यु और अम्बष्ठका युद्ध, युद्धकी भयानक स्थितिका वर्णन तथा आठवें दिनके युद्धका उपसंहार  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  6.96.16 
ततो राजंस्तव सुता भीमसेनमुपाद्रवन्।
परिवार्य रणे द्रोणं वसवो वासवं यथा॥ १६॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! तत्पश्चात् आपके पुत्रों ने, जैसे इन्द्र के चारों ओर वसु खड़े हों, उसी प्रकार द्रोणाचार्य को चारों ओर से घेर लिया और युद्धस्थल में भीमसेन पर आक्रमण कर दिया।
 
O King! Then your sons, just as the Vasus stand on all sides of Indra, surrounded Dronacharya from all sides and attacked Bhimasena on the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)