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mahabharat 6.96.15: महाराज! दोपहर के समय भीष्म और पाण्डवों में घोर युद्ध होने लगा जिसमें मेघ की गर्जना के समान गम्भीर शब्द सुनाई दे रहा था॥15॥   |   mahabharat अध्याय 6.96: इरावान‍्के वधसे अर्जुनका दु:खपूर्ण उद्‍गार, भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके नौ पुत्रोंका वध, अभिमन्यु और अम्बष्ठका युद्ध, युद्धकी भयानक स्थितिका वर्णन तथा आठवें दिनके युद्धका उपसंहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 96: इरावान‍्के वधसे अर्जुनका दु:खपूर्ण उद्‍गार, भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके नौ पुत्रोंका वध, अभिमन्यु और अम्बष्ठका युद्ध, युद्धकी भयानक स्थितिका वर्णन तथा आठवें दिनके युद्धका उपसंहार  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  6.96.15 
अपराह्णे महाराज संग्राम: समपद्यत।
पर्जन्यसमनिर्घोषो भीष्मस्य सह पाण्डवै:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
महाराज! दोपहर के समय भीष्म और पाण्डवों में घोर युद्ध होने लगा जिसमें मेघ की गर्जना के समान गम्भीर शब्द सुनाई दे रहा था॥15॥
 
Maharaj! In the afternoon, a fierce battle between Bhishma and the Pandavas began in which a deep noise like the roar of a cloud was being heard.॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)