अशक्तमिति मामेते ज्ञास्यन्ते क्षत्रिया रणे॥ १०॥
युद्धं तु मे न रुचितं ज्ञातिभिर्मधुसूदन।
अनुवाद
मधुसूदन! युद्धस्थल में मुझसे ऐसे वचन सुनकर ये क्षत्रिय मुझे अयोग्य समझेंगे, परन्तु मैं अपनी जाति के इन भाइयों के साथ युद्ध करना पसन्द नहीं करता॥10 1/2॥
Madhusudana! On hearing such words from me on the battlefield, these Kshatriyas will think that I am incapable, but I do not like to fight with these brothers of my caste.॥ 10 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥