भीमसेन ने युद्धस्थल में श्रीकृष्ण और अर्जुन दोनों को इरावान के वध का सत्य वृत्तांत भी सुनाया॥86॥
Bhimsen also narrated the true story of the killing of Iravan to both Shri Krishna and Arjun in the battlefield. 86॥
इति श्रीमहाभारते भीष्मपर्वणि भीष्मवधपर्वणि भगदत्तयुद्धे पञ्चनवतितमोऽध्याय:॥ ९५॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत भीष्मपर्वके अन्तर्गत भीष्मवधपर्वमें भगदत्तका युद्धविषयक पंचानबेवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ९५॥
[दाक्षिणात्य अधिक पाठका १ श्लोक मिलाकर कुल ८७ श्लोक हैं।]
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥