श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 95: दुर्योधनके अनुरोध और भीष्मजीकी आज्ञासे भगदत्तका घटोत्कच, भीमसेन और पाण्डव-सेनाके साथ घोर युद्ध  »  श्लोक 84
 
 
श्लोक  6.95.84 
भगदत्तश्च समरे तेन नागेन भारत।
विमृद्नन् पाण्डवबलं युधिष्ठिरमुपाद्रवत्॥ ८४॥
 
 
अनुवाद
भगदत्त ने भी उस हाथी से युद्धभूमि में युधिष्ठिर पर आक्रमण किया और पाण्डव सेना को कुचल डाला। 84.
 
Bhaarat! Bhagadatta also attacked Yudhishthira on the battlefield with that elephant, crushing the Pandava army. 84.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)