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mahabharat 6.95.78: भरत! जब आपके सैनिकों ने उसे शिखरों सहित पर्वत के समान गदा लेकर आते देखा, तब वे भय से भर गए॥78॥   |   mahabharat अध्याय 6.95: दुर्योधनके अनुरोध और भीष्मजीकी आज्ञासे भगदत्तका घटोत्कच, भीमसेन और पाण्डव-सेनाके साथ घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 95: दुर्योधनके अनुरोध और भीष्मजीकी आज्ञासे भगदत्तका घटोत्कच, भीमसेन और पाण्डव-सेनाके साथ घोर युद्ध  »  श्लोक 78
 
 
श्लोक  6.95.78 
तमुद्यतगदं दृष्ट्वा सशृङ्गमिव पर्वतम्।
तावकानां भयं घोरं समपद्यत भारत॥ ७८॥
 
 
अनुवाद
भरत! जब आपके सैनिकों ने उसे शिखरों सहित पर्वत के समान गदा लेकर आते देखा, तब वे भय से भर गए॥78॥
 
Bhaarata! When your soldiers saw him coming with a mace that looked like a mountain with peaks, they were filled with fear. ॥ 78॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)