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mahabharat 6.95.57-58h: जब घटोत्कच ने बुद्धिमान भगदत्त के कारण अपनी सेना में अव्यवस्था देखी, तो वह बहुत क्रोधित हुआ और भगदत्त पर आक्रमण कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 6.95: दुर्योधनके अनुरोध और भीष्मजीकी आज्ञासे भगदत्तका घटोत्कच, भीमसेन और पाण्डव-सेनाके साथ घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 95: दुर्योधनके अनुरोध और भीष्मजीकी आज्ञासे भगदत्तका घटोत्कच, भीमसेन और पाण्डव-सेनाके साथ घोर युद्ध  »  श्लोक 57-58h
 
 
श्लोक  6.95.57-58h 
भग्नं तु स्वबलं दृष्ट्वा भगदत्तेन धीमता॥ ५७॥
घटोत्कचोऽथ संक्रुद्धो भगदत्तमुपाद्रवत्।
 
 
अनुवाद
जब घटोत्कच ने बुद्धिमान भगदत्त के कारण अपनी सेना में अव्यवस्था देखी, तो वह बहुत क्रोधित हुआ और भगदत्त पर आक्रमण कर दिया।
 
When Ghatotkacha saw his army in disarray due to the intelligent Bhagadatta, he became very angry and attacked Bhagadatta. 57 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)