श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 95: दुर्योधनके अनुरोध और भीष्मजीकी आज्ञासे भगदत्तका घटोत्कच, भीमसेन और पाण्डव-सेनाके साथ घोर युद्ध  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  6.95.37 
तान् दृष्ट्वा निहतान् क्रुद्धो भगदत्त: प्रतापवान्।
चोदयामास नागेन्द्रं भीमसेनरथं प्रति॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
जब महाबली भगदत्त ने देखा कि वे सभी मारे गये हैं, तो वह क्रोधित हो गया और उसने हाथी को भीमसेन के रथ की ओर दौड़ाया।
 
When the mighty Bhagadatta saw that they were all killed, he became enraged and drove the elephant towards Bhimasena's chariot.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)