Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.95.34: हे निष्पाप राजा! सुप्रतीक की पीठ पर बैठे हुए भगदत्त हजारों बाणों की वर्षा करने लगे, मानो ऐरावत पर सवार होकर देवताओं के राजा इन्द्र जल की धाराएँ बरसा रहे हों। | mahabharat अध्याय 6.95: दुर्योधनके अनुरोध और भीष्मजीकी आज्ञासे भगदत्तका घटोत्कच, भीमसेन और पाण्डव-सेनाके साथ घोर युद्ध । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे निष्पाप राजा! सुप्रतीक की पीठ पर बैठे हुए भगदत्त हजारों बाणों की वर्षा करने लगे, मानो ऐरावत पर सवार होकर देवताओं के राजा इन्द्र जल की धाराएँ बरसा रहे हों।
O sinless king! Bhagadatta, sitting on Suprateek's back, began to shower thousands of arrows, as if the king of the gods, Indra, riding on Airavat, was pouring down torrents of water.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥