श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 95: दुर्योधनके अनुरोध और भीष्मजीकी आज्ञासे भगदत्तका घटोत्कच, भीमसेन और पाण्डव-सेनाके साथ घोर युद्ध  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  6.95.30 
पादाताश्च पदात्योघैस्ताडिता: शक्तितोमरै:।
न्यपतन्त तदा भूमौ शतशोऽथ सहस्रश:॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
उस समय पैदल सेना के सैनिक शक्ति और तोमरों से घायल होकर सैकड़ों-हजारों की संख्या में गिर रहे थे ॥30॥
 
At that time the infantry soldiers were getting wounded by the Shakti and Tomars of the infantry and were falling down in hundreds and thousands. ॥ 30॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)