श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 95: दुर्योधनके अनुरोध और भीष्मजीकी आज्ञासे भगदत्तका घटोत्कच, भीमसेन और पाण्डव-सेनाके साथ घोर युद्ध  »  श्लोक 3-4
 
 
श्लोक  6.95.3-4 
अब्रवीच्च तदा राजन् भीष्मं कुरुपितामहम्॥ ३॥
भवन्तं समुपाश्रित्य वासुदेवं यथा परै:।
पाण्डवैर्विग्रहो घोर: समारब्धो मया प्रभो॥ ४॥
 
 
अनुवाद
राजन! तब उन्होंने कुरुकुल के वृद्ध पितामह भीष्म से कहा - 'भगवन! जैसे मेरे शत्रु वसुदेवनन्दन श्रीकृष्ण की सहायता से युद्ध करते हैं, उसी प्रकार मैंने भी आपकी सहायता से ही पाण्डवों के साथ घोर युद्ध किया है।'
 
Rajan! Then he said to Bhishma, the old grandfather of Kurukula – 'Lord! Just as my enemy Vasudevanandan fights a war with the help of Shri Krishna, in the same way I have waged a fierce war with the Pandavas only with your help. 3-4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)