श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 95: दुर्योधनके अनुरोध और भीष्मजीकी आज्ञासे भगदत्तका घटोत्कच, भीमसेन और पाण्डव-सेनाके साथ घोर युद्ध  »  श्लोक 24-25
 
 
श्लोक  6.95.24-25 
सुप्रतीकेन तांश्चापि भगदत्तोऽप्युपाद्रवत्॥ २४॥
तत: समभवद् युद्धं घोररूपं भयानकम्।
पाण्डूनां भगदत्तेन यमराष्ट्रविवर्धनम्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
भगदत्त भी सुप्रतीक नामक हाथी पर सवार होकर उन पर टूट पड़ा। तब पांडवों और भगदत्त के बीच भयंकर एवं भयानक युद्ध आरंभ हो गया, जो यमराज के राज्य की शक्ति को बढ़ाने वाला था।
 
Bhagadatta also mounted on an elephant named Suprateek and attacked them. Then a fierce and dreadful battle started between the Pandavas and Bhagadatta, which was going to increase the power of Yamaraja's kingdom.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)