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mahabharat 6.95.17-18h: महाराज! आप शीघ्र ही भयंकर योद्धा घटोत्कच का सामना करने के लिए जाइये और समस्त धनुर्धरों के सामने उसे युद्धभूमि में आगे बढ़ने से रोकने का प्रयत्न कीजिये।   |   mahabharat अध्याय 6.95: दुर्योधनके अनुरोध और भीष्मजीकी आज्ञासे भगदत्तका घटोत्कच, भीमसेन और पाण्डव-सेनाके साथ घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 95: दुर्योधनके अनुरोध और भीष्मजीकी आज्ञासे भगदत्तका घटोत्कच, भीमसेन और पाण्डव-सेनाके साथ घोर युद्ध  »  श्लोक 17-18h
 
 
श्लोक  6.95.17-18h 
गच्छ शीघ्रं महाराज हैडिम्बं युद्धदुर्मदम्॥ १७॥
वारयस्व रणे यत्तो मिषतां सर्वधन्विनाम्।
 
 
अनुवाद
महाराज! आप शीघ्र ही भयंकर योद्धा घटोत्कच का सामना करने के लिए जाइये और समस्त धनुर्धरों के सामने उसे युद्धभूमि में आगे बढ़ने से रोकने का प्रयत्न कीजिये।
 
Maharaja! You should quickly go to face the fierce warrior Ghatotkacha and try to stop him from advancing in the battlefield in front of all the archers. 17 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)