Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.94.6-7h: भीमसेन को इस प्रकार व्यथित देखकर वे क्रोध से ऐसे भड़क उठे जैसे अग्निदेव घटोत्कच को जला डालने की इच्छा से भड़क उठे हों ॥6 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 6.94: दुर्योधन और भीमसेनका एवं अश्वत्थामा और राजा नीलका युद्ध तथा घटोत्कचकी मायासे मोहित होकर कौरव-सेनाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 94: दुर्योधन और भीमसेनका एवं अश्वत्थामा और राजा नीलका युद्ध तथा घटोत्कचकी मायासे मोहित होकर कौरव-सेनाका पलायन  »  श्लोक 6-7h
 
 
श्लोक  6.94.6-7h 
तथा विमनसं दृष्ट्वा भीमसेनं घटोत्कच:॥ ६॥
क्रोधेनाभिप्रजज्वाल दिधक्षन्निव पावक:।
 
 
अनुवाद
भीमसेन को इस प्रकार व्यथित देखकर वे क्रोध से ऐसे भड़क उठे जैसे अग्निदेव घटोत्कच को जला डालने की इच्छा से भड़क उठे हों ॥6 1/2॥
 
Seeing Bhimsen in such a distressed state, he became enraged with anger like the fire god desiring to burn Ghatotkacha. 6 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)