Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.94.21-22h: प्रलयकाल में यमराज के समान भयंकर उन दोनों महारथियों को अपने ऊपर आक्रमण करते देख महाबाहु भीमसेन ने तुरन्त ही गदा हाथ में ली और रथ से कूद पड़े। वे पर्वत के समान अविचल खड़े हो गये। | mahabharat अध्याय 6.94: दुर्योधन और भीमसेनका एवं अश्वत्थामा और राजा नीलका युद्ध तथा घटोत्कचकी मायासे मोहित होकर कौरव-सेनाका पलायन । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रलयकाल में यमराज के समान भयंकर उन दोनों महारथियों को अपने ऊपर आक्रमण करते देख महाबाहु भीमसेन ने तुरन्त ही गदा हाथ में ली और रथ से कूद पड़े। वे पर्वत के समान अविचल खड़े हो गये।
Seeing those two great warriors attacking him, who were as fearsome as Yamaraja at the time of doomsday, the mighty-armed Bhimasena immediately took his mace in his hand, jumped from the chariot, and stood as unshakeable as a mountain.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥