श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 94: दुर्योधन और भीमसेनका एवं अश्वत्थामा और राजा नीलका युद्ध तथा घटोत्कचकी मायासे मोहित होकर कौरव-सेनाका पलायन  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  6.94.15 
ते विंशतिपदं गत्वा सम्प्रहारं प्रचक्रिरे।
पाण्डवा धार्तराष्ट्राश्च परस्परजिघांसव:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
वह बीस कदम आगे बढ़कर आक्रमण करने लगा; तब पाण्डव और कौरव योद्धा एक-दूसरे को मारने की इच्छा से लड़ने लगे॥15॥
 
He advanced twenty steps and started attacking; then the Pandava and Kaurava warriors began fighting with the desire to kill each other. ॥ 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)