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mahabharat 6.94.13-14: कृपाचार्य, भूरिश्रवा, शल्य, अश्वत्थामा, विविंसति, चित्रसेन, विकर्ण, सिंधुराज जयद्रथ, बृहद्बल और अवंती के राजकुमार, महान धनुर्धर विन्द और अनुविन्द - इन सभी ने दुर्योधन की रक्षा के लिए उसे चारों ओर से घेर लिया।   |   mahabharat अध्याय 6.94: दुर्योधन और भीमसेनका एवं अश्वत्थामा और राजा नीलका युद्ध तथा घटोत्कचकी मायासे मोहित होकर कौरव-सेनाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 94: दुर्योधन और भीमसेनका एवं अश्वत्थामा और राजा नीलका युद्ध तथा घटोत्कचकी मायासे मोहित होकर कौरव-सेनाका पलायन  »  श्लोक 13-14
 
 
श्लोक  6.94.13-14 
कृपो भूरिश्रवा: शल्यो द्रोणपुत्रो विविंशति:॥ १३॥
चित्रसेनो विकर्णश्च सैन्धवोऽथ बृहद्‍बल:।
आवन्त्यौ च महेष्वासौ कौरवं पर्यवारयन्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
कृपाचार्य, भूरिश्रवा, शल्य, अश्वत्थामा, विविंसति, चित्रसेन, विकर्ण, सिंधुराज जयद्रथ, बृहद्बल और अवंती के राजकुमार, महान धनुर्धर विन्द और अनुविन्द - इन सभी ने दुर्योधन की रक्षा के लिए उसे चारों ओर से घेर लिया।
 
Kripacharya, Bhurishrava, Shalya, Ashwatthama, Vivinsati, Chitrasena, Vikarna, Sindhuraj Jayadratha, Brihadbal and Avanti's princes, great archers Vind and Anuvind - all of them surrounded Duryodhana from all sides to protect him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)