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mahabharat 6.93.39: क्रोध से भरे हुए अनेक पागल हाथी नियंत्रण से बाहर हो गए। उन्होंने युद्धभूमि में सैकड़ों रथों, घोड़ों और पैदल सैनिकों को अपने पैरों तले रौंद डाला।   |   mahabharat अध्याय 6.93: घटोत्कचकी रक्षाके लिये आये हुए भीम आदि शूरवीरोंके साथ कौरवोंका युद्ध और उनका पलायन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 93: घटोत्कचकी रक्षाके लिये आये हुए भीम आदि शूरवीरोंके साथ कौरवोंका युद्ध और उनका पलायन  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  6.93.39 
केचित् क्रोधसमाविष्टा मदान्धा निरवग्रहा:।
रथान् हयान् पदातींश्च ममृदु: शतशो रणे॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
क्रोध से भरे हुए अनेक पागल हाथी नियंत्रण से बाहर हो गए। उन्होंने युद्धभूमि में सैकड़ों रथों, घोड़ों और पैदल सैनिकों को अपने पैरों तले रौंद डाला।
 
Many mad elephants were beyond control because they were filled with anger. They trampled hundreds of chariots, horses and infantry under their feet on the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)