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mahabharat 6.93.3: वे सभी महारथी योद्धा चार-चार हाथों में धनुष लेकर सिंहों के समान गर्जना करते हुए अकेले योद्धा घटोत्कच पर टूट पड़े।   |   mahabharat अध्याय 6.93: घटोत्कचकी रक्षाके लिये आये हुए भीम आदि शूरवीरोंके साथ कौरवोंका युद्ध और उनका पलायन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 93: घटोत्कचकी रक्षाके लिये आये हुए भीम आदि शूरवीरोंके साथ कौरवोंका युद्ध और उनका पलायन  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  6.93.3 
तालमात्राणि चापानि विकर्षन्तो महारथा:।
तमेकमभ्यधावन्त नदन्त: सिंहसंघवत्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
वे सभी महारथी योद्धा चार-चार हाथों में धनुष लेकर सिंहों के समान गर्जना करते हुए अकेले योद्धा घटोत्कच पर टूट पड़े।
 
All those mighty warriors, drawing their bows in four hands each and roaring like a herd of lions, attacked the lone warrior, Ghatotkacha.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)