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mahabharat 6.92.5-6h: तत्पश्चात् उसने अपने हाथ में एक महान शक्ति ली जो प्रज्वलित उल्का और वज्र के समान चमक रही थी, जो पर्वतों को भी भेद सकती थी।   |   mahabharat अध्याय 6.92: घटोत्कचका दुर्योधन एवं द्रोण आदि प्रमुख वीरोंके साथ भयंकर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 92: घटोत्कचका दुर्योधन एवं द्रोण आदि प्रमुख वीरोंके साथ भयंकर युद्ध  »  श्लोक 5-6h
 
 
श्लोक  6.92.5-6h 
जग्राह च महाशक्तिं गिरीणामपि दारिणीम्॥ ५॥
सम्प्रदीप्तां महोल्काभामशनिं ज्वलितामिव।
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् उसने अपने हाथ में एक महान शक्ति ली जो प्रज्वलित उल्का और वज्र के समान चमक रही थी, जो पर्वतों को भी भेद सकती थी।
 
Thereafter he took in his hand a great power which shone like a blazing meteor and a thunderbolt which could pierce even the mountains. 5 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)