श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 92: घटोत्कचका दुर्योधन एवं द्रोण आदि प्रमुख वीरोंके साथ भयंकर युद्ध  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  6.92.43 
चिक्षेप निशितांस्तीक्ष्णाञ्छरानाशीविषोपमान्।
बिभिदुस्ते महाराज शल्यं युद्धविशारदम्॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
महाराज! उन्होंने रथ पर बैठे-बैठे विषैले सर्पों के समान अत्यन्त तीक्ष्ण बाण छोड़े। उन बाणों ने युद्ध-कुशल राजा शल्य को पूर्णतया घायल कर दिया। 43.
 
Maharaj! While sitting on the chariot, he shot very sharp arrows like poisonous snakes. Those arrows completely injured the war expert King Shalya. 43.
 
इति श्रीमहाभारते भीष्मपर्वणि भीष्मवधपर्वणि हैडिम्बयुद्धे द्विनवतितमोऽध्याय:॥ ९२॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत भीष्मपर्वके अन्तर्गत भीष्मवधपर्वमें घटोत्कचका युद्धविषयक बानबेवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ९२॥

[दाक्षिणात्य अधिक पाठका १/२ श्लोक मिलाकर कुल ४३ १/२ श्लोक हैं]
 
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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