Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.92.37-38: उन बाणों ने उसके कवच को छिन्न-भिन्न कर दिया और शीघ्र ही भूमि में धंस गए। उसी समय घटोत्कच ने विविंशति और अश्वत्थामा नामक सारथि पर भी भयंकर प्रहार किया। वे दोनों घोड़ों की लगाम छोड़कर रथ के आसन पर गिर पड़े। 37-38. | mahabharat अध्याय 6.92: घटोत्कचका दुर्योधन एवं द्रोण आदि प्रमुख वीरोंके साथ भयंकर युद्ध । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उन बाणों ने उसके कवच को छिन्न-भिन्न कर दिया और शीघ्र ही भूमि में धंस गए। उसी समय घटोत्कच ने विविंशति और अश्वत्थामा नामक सारथि पर भी भयंकर प्रहार किया। वे दोनों घोड़ों की लगाम छोड़कर रथ के आसन पर गिर पड़े। 37-38.
Those arrows shattered his armour and soon sank into the ground. At the same time, Ghatotkacha dealt a severe blow to the charioteers Vivinshati and Ashwatthama. Both of them left the reins of the horses and fell in the seat of the chariot. 37-38.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥