श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 92: घटोत्कचका दुर्योधन एवं द्रोण आदि प्रमुख वीरोंके साथ भयंकर युद्ध  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  6.92.27 
प्रगृह्य विपुलं चापं ज्ञातिभि: परिवारित:।
शूलमुद्‍गरहस्तैश्च नानाप्रहरणैरपि॥ २७॥
 
 
अनुवाद
उसके जाति-बंधुओं ने हाथों में भाले, गदा आदि नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्र लेकर उसे चारों ओर से घेर लिया था और वह एक विशाल धनुष लिए हुए था॥27॥
 
His caste-brethren surrounded him from all sides with various kinds of weapons like spears, maces etc. in their hands and he was carrying a huge bow.॥ 27॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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