Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.90.53-54: उसके साथ युद्ध में कुशल तथा निर्मल प्रास नामक अस्त्र से प्रहार करने में समर्थ वीर योद्धाओं से युक्त अनेक सेनाएँ थीं। उसके सभी सैनिक घोड़ों पर सवार थे। उन सबसे घिरकर वह महाबली इरावान को मार डालने के इरादे से युद्धभूमि में गया। महाराज! उसके साथ मृत्यु से बचाए हुए दो हजार उत्तम घोड़े थे। 53-54। | mahabharat अध्याय 6.90: इरावान्के द्वारा शकुनिके भाइयोंका तथा राक्षस अलम्बुषके द्वारा इरावान्का वध । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसके साथ युद्ध में कुशल तथा निर्मल प्रास नामक अस्त्र से प्रहार करने में समर्थ वीर योद्धाओं से युक्त अनेक सेनाएँ थीं। उसके सभी सैनिक घोड़ों पर सवार थे। उन सबसे घिरकर वह महाबली इरावान को मार डालने के इरादे से युद्धभूमि में गया। महाराज! उसके साथ मृत्यु से बचाए हुए दो हजार उत्तम घोड़े थे। 53-54।
With him were many armies consisting of brave warriors who were skilled in battle and capable of attacking with the weapon called Nirmal Pras. All his soldiers were sitting on horses. Surrounded by all of them, he went to the battlefield with the intention of killing the mighty Iravan. Maharaj! Two thousand excellent horses that were saved from death were with him. 53-54.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥