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mahabharat 6.90.47: महाराज! यद्यपि वृषभ बहुत घायल हो गया था, फिर भी उसने किसी प्रकार अपने को उस भयंकर युद्ध से मुक्त कर लिया, जिसमें योद्धाओं का नाश हो रहा था।   |   mahabharat अध्याय 6.90: इरावान‍्के द्वारा शकुनिके भाइयोंका तथा राक्षस अलम्बुषके द्वारा इरावान‍्का वध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.90.47 
वृषभस्तु महाराज बहुधा विपरिक्षत:।
अमुच्यत महारौद्रात् तस्माद् वीरावकर्तनात्॥ ४७॥
 
 
अनुवाद
महाराज! यद्यपि वृषभ बहुत घायल हो गया था, फिर भी उसने किसी प्रकार अपने को उस भयंकर युद्ध से मुक्त कर लिया, जिसमें योद्धाओं का नाश हो रहा था।
 
Maharaj! Though Vrishabha was badly injured, yet he somehow freed himself from that terrible battle which destroyed the warriors.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)