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mahabharat 6.90.44: तदनन्तर इरावान को भूमि पर पड़ा देखकर सुबल के समस्त पुत्रों ने पुनः उसे घेर लिया और उसे पकड़ने की तैयारी करने लगे ॥44॥   |   mahabharat अध्याय 6.90: इरावान‍्के द्वारा शकुनिके भाइयोंका तथा राक्षस अलम्बुषके द्वारा इरावान‍्का वध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 90: इरावान‍्के द्वारा शकुनिके भाइयोंका तथा राक्षस अलम्बुषके द्वारा इरावान‍्का वध  »  श्लोक 44
 
 
श्लोक  6.90.44 
भूमिष्ठमथ तं संख्ये सम्प्रदृश्य तत: पुन:।
परिवार्य भृशं सर्वे ग्रहीतुमुपचक्रमु:॥ ४४॥
 
 
अनुवाद
तदनन्तर इरावान को भूमि पर पड़ा देखकर सुबल के समस्त पुत्रों ने पुनः उसे घेर लिया और उसे पकड़ने की तैयारी करने लगे ॥44॥
 
Thereafter, seeing Iravan lying on the ground, all the sons of Subala once again surrounded him thoroughly and began preparing to capture him. ॥ 44॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)