Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.90.3-6: तत्पश्चात्, कम्बोज देश के उत्तम घोड़ों, दरियाई घोड़ों, मही, सिन्धु, वनायु, अरत्त तथा पर्वतीय प्रदेशों में पाए जाने वाले सुन्दर घोड़ों की विशाल सेना से चारों ओर से घिरा हुआ, शत्रुओं को संताप देने वाला पराक्रमी पाण्डवपुत्र अर्जुन इरावान हर्ष में भरकर युद्धभूमि में कौरव सेना पर टूट पड़ा। उसके साथ तित्तिर देश के वेगवान घोड़े भी थे, जो वायु के समान वेगवान थे। वे सभी स्वर्ण आभूषणों से विभूषित थे। उनके शरीर कवच से सुसज्जित थे और सुन्दर आभूषणों से अलंकृत थे। वे सभी घोड़े उत्तम नस्ल के थे और वायु के समान वेगवान थे। | mahabharat अध्याय 6.90: इरावान्के द्वारा शकुनिके भाइयोंका तथा राक्षस अलम्बुषके द्वारा इरावान्का वध । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत: काम्बोजमुख्यानां नदीजानां च वाजिनाम्।
आरट्टानां महीजानां सिन्धुजानां च सर्वश:॥ ३॥
वनायुजानां शुभ्राणां तथा पर्वतवासिनाम्।
वाजिनां बहुभि: संख्ये समन्तात् परिवारयन्॥ ४॥
ये चापरे तित्तिरिजा जवना वातरंहस:।
सुवर्णालंकृतैरेतैर्वर्मवद्भि: सुकल्पितै:॥ ५॥
हयैर्वातजवैर्मुख्यै: पाण्डवस्य सुतो बली।
अभ्यवर्तत तत् सैन्यं हृष्टरूप: परंतप:॥ ६॥
अनुवाद
तत्पश्चात्, कम्बोज देश के उत्तम घोड़ों, दरियाई घोड़ों, मही, सिन्धु, वनायु, अरत्त तथा पर्वतीय प्रदेशों में पाए जाने वाले सुन्दर घोड़ों की विशाल सेना से चारों ओर से घिरा हुआ, शत्रुओं को संताप देने वाला पराक्रमी पाण्डवपुत्र अर्जुन इरावान हर्ष में भरकर युद्धभूमि में कौरव सेना पर टूट पड़ा। उसके साथ तित्तिर देश के वेगवान घोड़े भी थे, जो वायु के समान वेगवान थे। वे सभी स्वर्ण आभूषणों से विभूषित थे। उनके शरीर कवच से सुसज्जित थे और सुन्दर आभूषणों से अलंकृत थे। वे सभी घोड़े उत्तम नस्ल के थे और वायु के समान वेगवान थे।
Thereafter, surrounded on all sides by a large army of the fine horses of the Kamboja country, hippopotamuses, beautiful horses found in Mahi, Sindhu, Vanayu, Aratta and mountainous regions - the powerful son of Pandava Arjuna, who torments his enemies, Iravan, filled with joy, attacked the Kaurava army in the battlefield. Swift horses from the Tittira region were also present with him, who were as swift as the wind. All of them were adorned with golden ornaments. Their bodies were clad in armour and were decorated with beautiful ornaments. All those horses were of fine breed and as swift as the wind.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥