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mahabharat 6.90.26-27: गज, गवाक्ष, वृषभ, चर्मवान, आर्जव और शुक - ये छह शक्तिशाली योद्धा, जिनका स्पर्श वायु के वेग के समान असह्य था, जिनका वेग वायु के समान ही था, ऐसे शक्तिशाली और तरोताजा घोड़ों पर सवार होकर अपनी विशाल सेना से निकले।   |   mahabharat अध्याय 6.90: इरावान‍्के द्वारा शकुनिके भाइयोंका तथा राक्षस अलम्बुषके द्वारा इरावान‍्का वध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.90.26-27 
वायुवेगसमस्पर्शाञ्जवे वायुसमांश्च ते।
आरुह्य बलसम्पन्नान् वय:स्थांस्तुरगोत्तमान्॥ २६॥
गजो गवाक्षो वृषभश्चर्मवानार्जव: शुक:।
षडेते बलसम्पन्ना निर्ययुर्महतो बलात्॥ २७॥
 
 
अनुवाद
गज, गवाक्ष, वृषभ, चर्मवान, आर्जव और शुक - ये छह शक्तिशाली योद्धा, जिनका स्पर्श वायु के वेग के समान असह्य था, जिनका वेग वायु के समान ही था, ऐसे शक्तिशाली और तरोताजा घोड़ों पर सवार होकर अपनी विशाल सेना से निकले।
 
Gaja, Gavaksha, Vrishabha, Charmavan, Aarjava and Shuka - these six powerful warriors, whose touch was as unbearable as the speed of the wind, whose speed was equal to that of the wind, riding on such powerful and fresh horses, came out of their huge army.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)