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mahabharat 6.90.21: जब घोड़ों के वे समूह एक दूसरे से टकराकर गिरते थे, तब एक भयंकर ध्वनि होती थी, जैसे कि कोई बाज जोर से नीचे गिर रहा हो।   |   mahabharat अध्याय 6.90: इरावान‍्के द्वारा शकुनिके भाइयोंका तथा राक्षस अलम्बुषके द्वारा इरावान‍्का वध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.90.21 
निपतद्भिस्तथा तैश्च हयसंघै: परस्परम्।
शुश्रुवे दारुण: शब्द: सुपर्णपतने यथा॥ २१॥
 
 
अनुवाद
जब घोड़ों के वे समूह एक दूसरे से टकराकर गिरते थे, तब एक भयंकर ध्वनि होती थी, जैसे कि कोई बाज जोर से नीचे गिर रहा हो।
 
When those groups of horses collided with each other and fell, a terrifying sound like that of an eagle descending with force was heard. 21.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)