Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.90.19-20: राजन! वे घोड़े समुद्र में उड़ते हुए हंसों के समान सहसा उछल पड़े और आपके मन के समान वेगवान घोड़ों के समूह के पास पहुँचकर एक-दूसरे की छाती पर छाती से और नाक पर नाक से प्रहार करने लगे। वे सहसा बड़े जोर से टकराकर पृथ्वी पर गिर पड़े॥19-20॥ | mahabharat अध्याय 6.90: इरावान्के द्वारा शकुनिके भाइयोंका तथा राक्षस अलम्बुषके द्वारा इरावान्का वध । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उत्पेतु: सहसा राजन् हंसा इव महोदधौ।
ते त्वदीयान् समासाद्य हयसंघान् मनोजवान्॥ १९॥
क्रोडै: क्रोडानभिघ्नन्तो घोणाभिश्च परस्परम्।
निपेतु: सहसा राजन् सुवेगाभिहता भुवि॥ २०॥
अनुवाद
राजन! वे घोड़े समुद्र में उड़ते हुए हंसों के समान सहसा उछल पड़े और आपके मन के समान वेगवान घोड़ों के समूह के पास पहुँचकर एक-दूसरे की छाती पर छाती से और नाक पर नाक से प्रहार करने लगे। वे सहसा बड़े जोर से टकराकर पृथ्वी पर गिर पड़े॥19-20॥
King! Those horses suddenly jumped like swans flying in the ocean and reaching the group of horses as swift as your mind, they started hitting each other's chest with their chest and nose with their nose. They suddenly collided with great force and fell on the earth.॥19-20॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥