Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.90.18: हे मनुष्यों के स्वामी! इरावान के पास उसके इच्छानुसार सुन्दर, रंग और गति वाले अनेक घोड़े थे। उन सबके सिर पर स्वर्ण आभूषण थे और वे मन के समान तीव्र थे। उनके रंग अनेक प्रकार के थे। | mahabharat अध्याय 6.90: इरावान्के द्वारा शकुनिके भाइयोंका तथा राक्षस अलम्बुषके द्वारा इरावान्का वध । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कामवर्णजवैरश्वैर्बहुभि: संवृतो नृप।
ते हया: काञ्चनापीडा नानावर्णा मनोजवा:॥ १८॥
अनुवाद
हे मनुष्यों के स्वामी! इरावान के पास उसके इच्छानुसार सुन्दर, रंग और गति वाले अनेक घोड़े थे। उन सबके सिर पर स्वर्ण आभूषण थे और वे मन के समान तीव्र थे। उनके रंग अनेक प्रकार के थे।
O Lord of men! Iravan had many horses with him of as much beauty, colour and speed as he desired. All of them had golden head ornaments and were as fast as the mind. Their colours were of many kinds.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥