Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.90.15: अर्जुन ने अपने समान गुणों वाले उस पुत्र को हृदय में धारण कर लिया और बड़े हर्ष के साथ उसे देवराज के महल में ले गए॥15॥   |   mahabharat अध्याय 6.90: इरावान‍्के द्वारा शकुनिके भाइयोंका तथा राक्षस अलम्बुषके द्वारा इरावान‍्का वध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 90: इरावान‍्के द्वारा शकुनिके भाइयोंका तथा राक्षस अलम्बुषके द्वारा इरावान‍्का वध  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  6.90.15 
परिष्वज्य सुतं चापि आत्मन: सदृशं गुणै:।
प्रीतिमाननयत् पार्थो देवराजनिवेशने॥ १५॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन ने अपने समान गुणों वाले उस पुत्र को हृदय में धारण कर लिया और बड़े हर्ष के साथ उसे देवराज के महल में ले गए॥15॥
 
Arjun took to his heart that son who was similar to himself in qualities and with great joy took him to the palace of Devraj. 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)