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mahabharat 6.9.6-9: राजन! दुर्धर्ष महाराज! वेनन्दन पृथु, महात्मा इक्ष्वाकु, ययाति, अम्बरीष, मान्धाता, नहुष, मुचुकुन्द, उशीनरपुत्र शिबि, ऋषभ, इलानन्दन पुरुरवा, राजा नृग, कुशिक, महात्मा गाधि, सोमक, दिलीप तथा अन्य शक्तिशाली क्षत्रिय राजाओं को भारत अत्यंत प्रिय था। 6-9॥   |   mahabharat अध्याय 6.9: भारतवर्षकी नदियों, देशों तथा जनपदोंके नाम और भूमिका महत्त्व   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 9: भारतवर्षकी नदियों, देशों तथा जनपदोंके नाम और भूमिका महत्त्व  »  श्लोक 6-9
 
 
श्लोक  6.9.6-9 
पृथोस्तु राजन् वैन्यस्य तथेक्ष्वाकोर्महात्मन:।
ययातेरम्बरीषस्य मान्धातुर्नहुषस्य च॥ ६॥
तथैव मुचुकुन्दस्य शिबेरौशीनरस्य च।
ऋषभस्य तथैलस्य नृगस्य नृपतेस्तथा॥ ७॥
कुशिकस्य च दुर्धर्ष गाधेश्चैव महात्मन:।
सोमकस्य च दुर्धर्ष दिलीपस्य तथैव च॥ ८॥
अन्येषां च महाराज क्षत्रियाणां बलीयसाम्।
सर्वेषामेव राजेन्द्र प्रियं भारत भारतम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
राजन! दुर्धर्ष महाराज! वेनन्दन पृथु, महात्मा इक्ष्वाकु, ययाति, अम्बरीष, मान्धाता, नहुष, मुचुकुन्द, उशीनरपुत्र शिबि, ऋषभ, इलानन्दन पुरुरवा, राजा नृग, कुशिक, महात्मा गाधि, सोमक, दिलीप तथा अन्य शक्तिशाली क्षत्रिय राजाओं को भारत अत्यंत प्रिय था। 6-9॥
 
Rajan! Durdharsha Maharaj! India was very dear to Vennandan Prithu, Mahatma Ikshvaku, Yayati, Ambarish, Mandhata, Nahusha, Muchukund, Ushinarputra Shibi, Rishabh, Ilanandan Pururava, King Nrig, Kushik, Mahatma Gandhi, Somak, Dilip and other mighty Kshatriya kings. 6-9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)