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mahabharat 6.9.51-57: पुण्ड्र, भर्ग, किरात, सुदृष्ट, यामुन, शक, निषध, निषध, आनर्त, नैऋत, दुर्गल, प्रतिमात्स्य, कुन्तल, कोशल, तिरग्रह, शूरसेन, एजिक, कन्याकगुण, तिलभार, मासीर, मधुमान, सुकन्दक, कश्मीर, सिन्धुसौवीर, गांधार, दर्शक, अभिसार, उलुत, शैवाल, बाह्लीक, दार्वी, वनव, दार्व। वातज, अमरथ, उरग, बहुवाद्य, सुदाम, सुमालिक, वध्र, करिष्क, कुलिंद, उपत्यक, वनायु, दश, पार्श्वरोमा, कुशबिन्दु, कच्छ, गोपालाक्ष, जांगल, कुरुवर्णक, किरात, बर्बर, सिद्ध, वैदेह, ताम्रलिप्तक, ओन्द्र, म्लेच्छ, सैसिरिध्र। और पर्वतीय आदि 51-57.   |   mahabharat अध्याय 6.9: भारतवर्षकी नदियों, देशों तथा जनपदोंके नाम और भूमिका महत्त्व   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 9: भारतवर्षकी नदियों, देशों तथा जनपदोंके नाम और भूमिका महत्त्व  »  श्लोक 51-57
 
 
श्लोक  6.9.51-57 
पुण्ड्रा भर्गा: किराताश्च सुदृष्टा यामुनास्तथा।
शका निषादा निषधास्तथैवानर्तनैर्ऋता:॥ ५१॥
दुर्गाला: प्रतिमत्स्याश्च कुन्तला: कोसलास्तथा।
तीरग्रहा: शूरसेना ईजिका: कन्यकागुणा:॥ ५२॥
तिलभारा मसीराश्च मधुमन्त: सुकन्दका:।
काश्मीरा: सिन्धुसौवीरा गान्धारा दर्शकास्तथा॥ ५३॥
अभीसारा उलूताश्च शैवला बाह्लिकास्तथा।
दार्वी च वानवा दर्वा वातजामरथोरगा:॥ ५४॥
बहुवाद्याश्च कौरव्य सुदामान: सुमल्लिका:।
वध्रा: करीषकाश्चापि कुलिन्दोपत्यकास्तथा॥ ५५॥
वनायवो दशापार्श्वरोमाण: कुशबिन्दव:।
कच्छा गोपालकक्षाश्च जाङ्गला: कुरुवर्णका:॥ ५६॥
किराता बर्बरा: सिद्धा वैदेहास्ताम्रलिप्तका:।
ओण्ड्रा म्लेच्छा: सैसिरिध्रा: पार्वतीयाश्च मारिष॥ ५७॥
 
 
अनुवाद
पुण्ड्र, भर्ग, किरात, सुदृष्ट, यामुन, शक, निषध, निषध, आनर्त, नैऋत, दुर्गल, प्रतिमात्स्य, कुन्तल, कोशल, तिरग्रह, शूरसेन, एजिक, कन्याकगुण, तिलभार, मासीर, मधुमान, सुकन्दक, कश्मीर, सिन्धुसौवीर, गांधार, दर्शक, अभिसार, उलुत, शैवाल, बाह्लीक, दार्वी, वनव, दार्व। वातज, अमरथ, उरग, बहुवाद्य, सुदाम, सुमालिक, वध्र, करिष्क, कुलिंद, उपत्यक, वनायु, दश, पार्श्वरोमा, कुशबिन्दु, कच्छ, गोपालाक्ष, जांगल, कुरुवर्णक, किरात, बर्बर, सिद्ध, वैदेह, ताम्रलिप्तक, ओन्द्र, म्लेच्छ, सैसिरिध्र। और पर्वतीय आदि 51-57.
 
Pundra, Bharga, Kirat, Sudrishta, Yamun, Shaka, Nishad, Nishadha, Anarta, Nairrit, Durgal, Pratimatsya, Kuntal, Kosala, Tirgraha, Shursen, Ejik, Kanyakagun, Tilabhar, Masir, Madhuman, Sukandak, Kashmir, Sindhusauvir, Gandhar, Darshak, Abhisar, Ulut, Shaiwal, Bahlik, Darvi, Vanav, Darva, Vataj, Amrath, Urag, Bahuvadya, Sudam, Sumalik, Vadhra, Karishak, Kulinda, Upatyak, Vanayu, Dash, Parsvaroma, Kushbindu, Kachchh, Gopalaksha, Jangal, Kuruvarnak, Kirat, Barbar, Siddha, Vaideh, Tamraliptak, Ondra, Mlechchha, Saisiridhra. And Parvatiya etc. 51–57.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)