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mahabharat 6.9.33-36: भारत सदैव निरामय, कृष्णा, मंदगा, मंदवाहिनी, ब्राह्मणी, महागौरी, दुर्गा, चित्रोत्पला, चित्ररथ, मंजुला, वाहिनी, मंदाकिनी, वैतरणी, महानदी कोश, शुक्तिमती, अनंगा, वृषा, लोहित्य, करतोया, वृषका, कुमारी, ऋषिकुल्या, मारिषा, सरस्वती, मंदाकिनी, सुपुण्य, सर्वा और गंगा, भारत! भारतीय इन नदियों का पानी पीते हैं। 33-36॥   |   mahabharat अध्याय 6.9: भारतवर्षकी नदियों, देशों तथा जनपदोंके नाम और भूमिका महत्त्व   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 9: भारतवर्षकी नदियों, देशों तथा जनपदोंके नाम और भूमिका महत्त्व  »  श्लोक 33-36
 
 
श्लोक  6.9.33-36 
सदा निरामयां कृष्णां मन्दगां मदवाहिनीम्।
ब्राह्मणीं च महागौरीं दुर्गामपि च भारत॥ ३३॥
चित्रोपलां चित्ररथां मञ्जुलां वाहिनीं तथा।
मन्दाकिनीं वैतरणीं कोषां चापि महानदीम्॥ ३४॥
शुक्तिमतीमनङ्गां च तथैव वृषसाह्वयाम्।
लोहित्यां करतोयां च तथैव वृषकाह्वयाम्॥ ३५॥
कुमारीमृषिकुल्यां च मारिषां च सरस्वतीम्।
मन्दाकिनीं सुपुण्यां च सर्वां गङ्गां च भारत॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
भारत सदैव निरामय, कृष्णा, मंदगा, मंदवाहिनी, ब्राह्मणी, महागौरी, दुर्गा, चित्रोत्पला, चित्ररथ, मंजुला, वाहिनी, मंदाकिनी, वैतरणी, महानदी कोश, शुक्तिमती, अनंगा, वृषा, लोहित्य, करतोया, वृषका, कुमारी, ऋषिकुल्या, मारिषा, सरस्वती, मंदाकिनी, सुपुण्य, सर्वा और गंगा, भारत! भारतीय इन नदियों का पानी पीते हैं। 33-36॥
 
India Always Niramaya, Krishna, Mandaga, Mandavahini, Brahmini, Mahagauri, Durga, Chitrotpala, Chitraratha, Manjula, Vahini, Mandakini, Vaitarani, Mahanadi Kosha, Shuktimati, Ananga, Vrisha, Lohitya, Karatoya, Vrishka, Kumari, Rishikulya, Marisha, Saraswati, Mandakini, Supunya, Sarva and Ganga, India! Indians drink the water of these rivers. 33-36॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)